Information about quail in Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम बात करने जा रहे है बटेर पक्षी के बारे में जो एक छोटा और आकर्षक पक्षी है यह पक्षी अपनी अनोखी आदतों और रंग-बिरंगे पंखों के लिए जाना जाता है।
यह जंगलों और खेतों में रहने वाला एक शांतिप्रिय जीव है, जो किसानों के लिए भी उपयोगी साबित होता है। इस लेख में हम बटेर के रोचक तथ्यों, नामों और विशेषताओं के बारे में में जानेंगे, तो चलिए शुरू करते है
बटेर क्या है
यह पक्षी फेजेंट परिवार का एक छोटा सदस्य है, जो जमीन पर रहने वाला पक्षी होता है। इसका वजन 85 से 200 ग्राम तक होता है और लंबाई 10 से 18 सेंटीमीटर के आसपास। ये बीज, जामुन और छोटे कीड़ों को खाते हैं तथा समूहों में रहते हैं, जिन्हें कोवी कहा जाता है।
बटेर इंग्लिश में क्या कहते हैं | Quail English Mein Kya Kehte Hai
इंग्लिश में बटेर को ‘Quail’ कहा जाता है, जो एक छोटे शिकार वाले पक्षी को दर्शाता है। यह नाम पुरानी यूरोपीय भाषाओं से आया है, जहां इसे खेल के रूप में पकड़ा जाता था।

Quail एक वैश्विक शब्द है जो विभिन्न प्रजातियों जैसे कैलिफोर्निया क्वेल या बॉबव्हाइट क्वेल को संदर्भित करता है। हिंदी में इसे बटेर या तीतर जैसा समझा जाता है।
बटेर को संस्कृत में क्या कहते हैं | Quail Ko Sanskrit Mein Kya Kahate Hain
संस्कृत में बटेर को ‘वर्तकः‘ या ‘लावकः‘ कहा जाता है, जो इसके छोटे आकार और जमीन पर रहने वाली प्रकृति को व्यक्त करता है। क्या आप जानते है की प्राचीन ग्रंथों में इसे पक्षी जाति के अंतर्गत वर्णित किया गया है।
वर्तकः शब्द वैजयंती कोश में मिलता है, जो बटेर की चंचलता को दर्शाता है। यह नाम भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रतीक के रूप में उपयोग होता है।
Quail Ka Paryayvachi | Koyal का पर्यायवाची शब्द
बटेर के पर्यायवाची शब्द हैं: तीतर, लावक, वर्तक, घाघस, बटई और वर्तिर। ये शब्द हिंदी साहित्य में इसके समान आकार और आदतों को बयान करते हैं। उदाहरण के लिए, तीतर बटेर के करीब लगता है लेकिन थोड़ा बड़ा होता है। इन शब्दों का उपयोग कविताओं और कहानियों में पक्षियों के वर्णन के लिए किया जाता है।
बटेर का रंग कैसा होता है | Quail Ka Rang Kaisa Hota Hai
इस का रंग भूरा, ग्रे और क्रीम शेड्स का मिश्रण होता है, जो जंगल की मिट्टी से मिलता-जुलता है। नर बटेरों के पंख चमकीले होते हैं, जबकि मादाओं के अधिक सादे। इनके अंडे भी धब्बेदार भूरे रंग के होते हैं, जो छिपने में मदद करते हैं। यह रंग-योजना बटेर को शिकारियों से बचाने वाली कैमोफ्लाज की तरह काम करती है।
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बटेर के बारे में 10 रोचक तथ्य हिंदी में | 10 Facts About Quail In Hindi
1.बटेर फेजेंट परिवार के छोटे पक्षी हैं, जिनका वजन 85-200 ग्राम और लंबाई 10-18 सेंटीमीटर होती है। उनके मोटे शरीर और छोटी पूंछ उन्हें जमीन पर रहने लायक बनाते हैं।
2.बटेर विभिन्न आवाजें निकालते हैं; नर का ‘क्रो’ ध्वनि मादाओं को आकर्षित करती है, जबकि खतरे पर तेज चीख समूह को सतर्क करती है।
3.बटेर प्रकृति के माहिर छिपने वाले हैं; उनके पंखों का भूरा-ग्रे रंग जंगल में उन्हें अदृश्य बनाता है, और वे खतरे में स्थिर रहते हैं।
4.बटेर धूल स्नान करते हैं, जिसमें वे मिट्टी में गड्ढा खोदकर खुद को धूल से ढक लेते हैं ताकि परजीवी हटें और पंख चमकदार रहें।
5.बटेर का मांस कभी-कभी जहरीला हो सकता है क्योंकि वे हेमलॉक बीज खाते हैं, जो मनुष्यों में कॉटरनिज्म नामक बीमारी पैदा करता है।
6.बटेर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकते हैं, हालांकि उनके पंख छोटे होते हैं; वे तेज फड़फड़ाहट और ग्लाइडिंग से लंबी दूरी तय करते हैं।
7.बटेर एकपत्नीव्रत होते हैं; नर और मादा जीवन भर साथ रहते हैं, अंडों की रक्षा करते हैं और चूजों को सिखाते हैं।
8.बटेर घोंसला जमीन पर बनाते हैं, जो घास और पत्तों से ढका होता है ताकि शिकारियों से छिपा रहे।
9.बटेर के चूजे होने के कुछ घंटों बाद ही घोंसला छोड़ देते हैं; वे प्रीकोशियल होते हैं और जल्दी उड़ना सीख लेते हैं।
10.कई बटेर प्रजातियां विलुप्ति के खतरे में हैं; आवास हानि, कीटनाशक और जलवायु परिवर्तन उनकी संख्या घटा रहे हैं।
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बटेर पर 10 पंक्तियां हिंदी में | 10 Lines On Quail In Hindi
1.बटेर एक छोटा पर बहुत चतुर पक्षी है, जिसे जंगल का राजा भी कहा जाता है।
2.इसके भूरे पंख इसे पेड़ों और झाड़ियों में छिपकर शिकारी से बचने में मदद करते हैं।
3.यह धूल में नहाकर अपना शरीर स्वच्छ और स्वस्थ रखता है।
4.बटेर जीवन में एक साथी चुनता है और पूरे जीवनभर उसका साथ निभाता है।
5.यह अपने अंडे ज़मीन पर छिपाकर रखता है ताकि वे सुरक्षित रहें।
6.इसके बच्चे मजबूत होते हैं और बहुत जल्दी उड़ना सीख जाते हैं।
7.बटेर की आवाज़ मीठी होती है, जिससे वह अपने साथियों को बुलाता है।
8.यह बीज और छोटे कीड़े खाकर अपनी ऊर्जा संचित करता है।
9.बटेर समूह में रहना पसंद करता है और झुंड में हमेशा खुश रहता है।
10.संकट आने पर यह शांत रहकर बड़ी चालाकी से खुद को सुरक्षित कर लेता है।
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निष्कर्ष
बटेर न केवल प्रकृति का एक सुंदर हिस्सा है बल्कि अपनी अनोखी विशेषताओं से हमें जीवन के सबक सिखाता है। इन छोटे पक्षियों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है
ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनके रोचक तथ्यों का आनंद ले सकें। यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया तो कमेन्ट में बताएँ और अगर आपको बटेर फार्मिंग या और किसी अन्य विषय के बारे में जानकारी चाहिए, तो कमेंट करें!

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